सोमवार, 2 सितंबर 2013

इश्क,मोहब्बत ,प्यार की बातें
लगती  हैं बेकार की बातें

नहीं कभी कर्तव्य निभाया
करते हैं  अधिकार की बातें

बच्चों की तुतली  बातों में
 मिलती हैं  आचार की बातें

भूल के कुछ पल सब  चिंताएं
चलो करे अभिसार की बातें

तेरा मेरा इसका उसका
माया हैं,संसार की बातें

 हर नारी के मन को अच्छी
 लगती हैं सिंगार की बातें

नीति,शिष्टता,मूल्य,आचरण
अब ये सोच विचार की बातें

 सब कुछ इस तट पर  छूटेगा
 सोचो अब उस पार की बातें







4 टिप्‍पणियां:

  1. Tera mera iska uska..sb hi bekar ki batein..sundar lekhan,umda prastuti

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  2. सब कुछ इस तट पर छूटेगा
    अब सोचो उस पार की बातें

    बहुत सुंदर रचना.... अंतिम पंक्तियों ने मन मोह लिया...

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  3. बहुत बहुत धन्यवाद संजयजी

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